संस्थापक संदेश

नमस्कार,

सब सॅ पहिने इ निवेदन करब जे इ संदेश किछु लम्बा अछि लेकिन हमर एहि संदेश के अपने अपन बहुमुल्य समय द अवश्य देखी आ नीक-बेजा, मुदा उत्तर जरूर दी । founder@maithilsamaj.org.in

किछु दिन सॅ अहां सब देखैत होयब जे हम फ़ेसबूक पर एक संस्था "भारतीय मैथिल समाज" सॅ संबंधित अनेको प्रकार के पोस्ट सब क रहल छि, आ आब समय आबि गेल अछि जे व्यक्तिगत/सामूहिक तौर पर समस्त भारतीय मैथिल सब के एहि संस्था सॅ जुड़बाक लेल निवेदन करबाक ।

इ संस्था कियेक जरूरी अछि ? कि इ संस्था ककरो अपन खर्च पर पालन पोशन करत कि ? संस्था त औरो बहुत अछि ! एतेक पैघ काज सब कोना होयत ?  एहेन अनेको तरहक प्रश्न आहां सब के मन में सेहो अबैत होयत । चलु संक्षेप में एकर किछु उत्तर देबाक कोशिश करैत छि ।

इ संस्था कियेक जरूरी अछि ?
संस्था त बहुत कारण सॅ जरूरी अछि । यदि कम शब्द में कहि त मिथिला, मैथिल, मैथिली के विकास आ सुरक्षा । किछु और तरहक उदाहरण द रहल छि, कल्पना करू:

कोनो मैथिल के १-२ लाख रुपया के बहुत आ शिघ्र जरूरत अछि आ हुनका लग एहन कोनो चल वा अचल संपत्ति नै छनि आ नै कोनो सर-संबंधी जे अतेक मदद क सकैन, हम इ द्रिढ़ रुप सॅ कहि सकैत छि जे यदि ओ अपना सब लग सहयोग के लेल ४-५ रुपया के चन्दा के लेल एतैथ त सैदे कियो एहन व्यक्ति होयत जे एहि तिनका भरि सहयोग के लेल मना करत । मुदा कि इ संभव अछि जे ओ २०-३० हज़ार लोक लग में जा ओकरा सॅ ४-५ रुपया के चन्दा मांगी सकत ? कियो मना नै करतैन मुदा इ चन्दा एक्कठा करैत-करैत हुनक पुरा जन्म बित जेतैन । भारतीय मैथिल समाज इ काज मात्र किछु घंटा में पूर्ण क इ व्यवस्था क सकत आ ककरो ४-५ रुपया नै दब परतै मात्र ४-८ अना देला सॅ काज भ जेतै ओहो स्वेक्षा सॅ, एहिक लेल जरूरी अछि इ संस्था । कोनो मैथिल के रक्त के जरूरत परतैन जे ओहि समय नै उप्लब्ध भ सकैन ओ कतेक लोक के सम्पर्क क ओहि समूहक रक्त के व्यवस्था क सकथिन ? कतेक काल में? नै पता । मुदा भारतीय मैथिल समाज मात्र किछु मिनट में इ पता क हुनका क्षेत्र में ओ सब सदस्य सॅ सम्पर्क क संस्था स्वयं एकर व्यवस्था शीघ्र क सकत, कम सॅ कम ओ सब सदस्य सॅ एहि लेल निवेदन जरूर करत । एहिक लेल जरूरी अछि इ संस्था । आइ अपने सब देश के भिन्न-भिन्न जगह पर रहि रहल छि वा यातायात क रहल छि जाहि ठाम मैथिल केर अभाव अछि । कोहियो कोनो समय विपत्ति में ककरो किछु बेसी लोकक सहयोग वा संग के जरूरत परत, ओ ककरा लग जेतैथ ? के एतैन ? ओहि समय हुनकर सहयोग भारतीय मैथिल समाज क सकैत अछि । संस्था अपन किछु विशेष सदस्य के जे ओहि क्षेत्र के हो हुनका सॅ स्वयं सम्पर्क क सहायता के लेल कहत । एहिक लेल जरूरी अछि इ संस्था ।

कि इ संस्था ककरो अपन खर्च पर पालन पोशन करत कि ?
नै इ संस्था ककरो पालन पोशन नै करत, परंच एहेन व्यवस्था अवश्य करत जे सब कियो आत्म निर्भर भ अपन पालन पोशन स्वयं क सकत, यानि रोजगार, शिक्षा, कृषि शिक्षा केर व्यवस्था ।

एयेह संस्था कियेक ? संस्था त औरो बहुत अछि ।
एकदम अछि बहुत रास अछि, जाहि में किछु राजनैतिक संस्था अछि, अधिकांश क्षेत्रिय वा स्थानिय संस्था अछि, किछु संस्थाक उदेश्य अलग अछि, किछु एहि तरहक उदेश्य केर संस्था सेहो भ सकैत अछि मुदा कार्यनीति आ कार्यप्रणालि अलग अछि, मुदा अहां स्वयं इ कहु जे एखन धरि अपने कतेक संस्था के जनैत छि आ कतेक गोटे अहां लग एलाह आ कहलैथ, जे अपने संस्था सॅ जुड़ि आ किछु सहयोग करी । इ संस्था व्यक्तिगत/सामूहिक रुप सॅ सब के निवेदन करैत संस्था सॅ जोड़ि रहल अछि आ जोड़ैत रहत ।

एतेक पैघ काज सब कोना होयत ?
अहां सब देखैत होयब जे गाम-घर वा शहर-शहर में अनेको तरहक सांस्कृतिक कार्यक्रम, उत्सव, समारोह, पूजा, इत्यादि सब बहुत पैघ स्तर पर हज़ारों-लाखों रुपैया खर्च क होइत अछि, कि इ काज कोनो १-२ आदमी द्वारा होइत अछि, अथवा २०-२५ गोटे द्वारा ५-७ हज़ार देला सॅ ? नै एहन अनेको काज अधिक संख्या में २५/५०/१०० मात्र देला सॅ सहजै भ जैत अछि आ ककरो पर एकर भार सेहो नै परैत अछि । एहने औरो किछु पद्धति द्वारा इहो काज सब होयत ।

उपरोक्त उदाहरण के अलावा संस्थाक जे सब उदेश्य अछि से त अलग जेना: रोजगार, शिक्षा आ स्वास्थ्य व्यवस्था इत्यादि। इ समस्त चीज तखने संभव अछि जखन भारी संख्या में हम सब एहि संस्था सॅ जुड़ब । आ कियेक नै? एहि में कि लागत ? सलाना सदस्यता शुल्क मात्र १२ रुपैया यानि १ रुपैया महिना के हिसाब सॅ आ ८८ रुपैया जमा राशि जे वापसी योग्य अछि, इ तिनका भरि सहयोग कि मिथिला मैथिल आ मैथिलीक विकास लेल बहुत अछि ? संस्था आहां सॅ हज़ार-लाख रुपैया के मांग नै करैत अछि । एकटा बात और अछि जे इ सहयोग फ़ेर कोनो नै कोनो रूपे अपने सब के वापस भेटत, इ ककरो व्यक्तिगत संपत्ति नै थिकैक । कम सॅ कम एक बेर मैथिल होए के नाते इ कार्य अवश्य करी, खुब हानि होयत त कतेक १२ रुपैया वा १०० रुपैया जे कि अतेक सहज नै छै, एक-एक पै क हिसाब सदस्य सब के अधिकार छै, फ़ेर कियाक नै?

इ संस्था कोनो राजनैतिक संस्था नै थिक जे हरेक राजनैतिक मुद्दा पर आन्दोलन करत, उदेश्य अछि समस्त मैथिल के एकजुट क किछु समाजिक कार्य करबाक । इ संस्था हमर वा किनको व्यक्तिगत संस्था नै थिक, इ अपन समस्त मैथिल केर संस्था थिक, ह किछु गोटे एकरा नियंत्रन जरूर करैत छथि सेहो स्थाइ तौर पर नै ओहो समय-समय पर नियमानुसार बदलैत रहताह । इ नै सोचिबै जे एकर सदस्य बनला सॅ एहि में समय देब परत वा समय-समय पर बैठक में उपस्थित हब परत, नै साधारण सदस्यता लेल एहेन कोनो प्रकारक काज नै कर परत । कार्यकारी सदस्य के किछु छोट-मोट काज बिच-बिच में कर परतैन आ एहि में विशेष योगदान युवा सबहक चाहि जे ओ सब एकर कार्यकारी सदस्य के रुप में संस्था सॅ जुड़ैथ आ अपन समाज के लेल किछु काज करैथ, ओना साधारण आ कार्यकारी सदस्य के लेल शुल्क एक अछि कोनो अंतर नै ।

हम कोनो लेखक वा बक्ता नै छि जे हम अपन बात के नीक सॅ सजा के अहां समक्ष राखि सकि, तै अपन ज्ञान के अनुसार जेहन भ सकल से बात रखलहु आ आशा करैत छि जे हमर गपक अर्थ अपने बुझि लेल होयब । अपन कोनो गलत शब्द के लेल क्षमा चाहब आ इ आशा करब जे उपरोक्त बात के अहां गंभिरता सॅ लेब । बारंबार निवेदन करब जे, एकर सदस्य जरूर बनि, बिना कोनो देरि के बनि, कियेक त जतेक जल्दी एकर सदस्य संख्या बढ़त ततेक जल्दी इ सब काज आरंभ होयत आ अपन सब के एक सर्वसुबिधापुर्ण समाज "मैथिल समाज" बनि सका । हम अपना बारे में एतबे कहब जे, बच्चे सॅ अपन अलवा देश आ समाज के लेल किछु करबाक निश्चय केने छलहु ओकरे इ शुरुआत छि ।

फ़ेसबूक पेज: http://facebook.com/maithilsamaj (समस्त अधिसूचना के लेल LIKE अवश्य करी)

धन्यवाद, प्रतिक्षा में

अनिल झा
भारतीय मैथिल समाज के लेल

अनिल झा

गाम: उजान,
जिला: दरभंगा,
उम्र: ३५ साल,
वैवाहिक स्थिती: विवाहित,
पेशा: व्यापार आ नौकरी,
वर्तमान पता: कोलकाता

विकास कोषग्रामीण उद्योग शिक्षा संस्थानस्वास्थ्य सेवा संस्थान

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