संस्थाक बारे में

नमस्कार,

समस्त मैथिल के भारतीय मैथिल समाज स्वागत करैत अछि । संस्था आभारी अछि ओ समस्त अन्य संस्था आ किछु एहेन लोकैन के जे मैथिल, मिथिला आ मैथिली के लेल विभिन्न तरहे कार्यरत छथि । मुदा सबहक लक्ष्य अछि एक, मैथिल, मिथिला आ मैथिली के विकास ।

किछु दिनक जांच-परताल के बाद संस्था ई नतीजा पेलक जे अतेक प्रयासक बादो जै अस्तर पर कार्य भ रहल अछि तै सॅ मैथिली के विकास में किछु सुधार अछि मगर मैथिल आ मिथिला केर विकास होयब लगभग असंभव अछि । आ एकर कारण अछि एखुनका समय । लोक अपने घर-परिवारक विभिन्न उलझल म एहेन तरहे उलझल अछि जे नै हुनका लग समय छैन आ आर्थिक समस्या से त अलग ।

एही सब चीज क ध्यान में रखैत भारतीय मैथिल समाज के निर्माण भेल । भारतीय मैथिल समाज अपन मैथिल क एक ऐहेन संस्था थिक जकर लक्ष्य अछि "बचत, विकास आ सहयोग" आ विकास क लेल जरूरी अछि "कोष" आ किछु ग्रामीण क्षेत्र में कार्य जेना: भारी मात्रा में रोजगारक व्यवस्था, स्वास्थ्य आ शिक्षाक आधुनिक आ उच्चतम व्यवस्था, मैथिली भाषा के बढ़ाबा, ग्रामीण उद्योग के बढ़ाबा, बाल विवाह आ बाल मजदूरी के मिटेबाक द्रिढ़ प्रयास ।

कारण: सरकार अपन कार्य करत !?, नेता अपन कार्य करताह !?, मगर पुर्ण विकास तखने होयत जखन हरेक व्यक्ति एक होय, थोर बहुत सहयोग करत । भारतीय मैथिल समाज कार्य के शुरुआत करैत एकर प्रमुख, आर्थिक आ सदस्य संचालन विभाग "विकास कोष" के निर्माण केलक जे किछु आधुनिक तकनीक आ विशेष मात्रा में नवयुवक के संग ल घर-घर पहुंची क प्रचार-प्रसार क आ भारी मात्रा में समस्त भारत सॅ मैथिल सबके संस्था सॅ जोड़ी रहल अछि ।

भारतीय मैथिल समाज समस्त भारतीय मैथिल सबसॅ निवेदन करैत अछि जे अपन परिवार सहित संस्था सॅ जुड़ी आ ई प्रयास क हम सब मिल सफल करी, बूंद-बूंद सॅ घरा भरैत अछि इ कहावत के सत्य करी । कियेक त इ अपन संस्था थिक, अहांक संस्था थिक, समस्त भारतीय मैथिल के संस्था थिक,  भविश्य थिक अपन आ अपन अगुलका पिढ़ि केर ।

भारतीय मैथिल समाज कोनो राजनीतिक संस्था नै थिक, आ नै कोनो राजनीतिक दल सॅ संबंध रखैत अछि । उपरोक्त कथन राजनीति के विरुद्ध नै अछि । राजनीति आ राजनेता त समाज कल्याण के लेल बनल अछि जकरा लग सत्ता आ अधिकार सेहो होइत छै । मुदा जतय राजनीति के बात अबैत अछि ओहि ठाम कोनो "एक" दल/समूह/व्यक्ति के सह होइत छै, जखन कि समाज में भिन्न-भिन्न दल/समूह/व्यक्ति के समर्थक अछि । ताहि लेल संस्था के पक्षपात आ विवाद सॅ अलग राखल गेल अछि ।

ओना त भारतीय मैथिल समाज केर कार्य क्षेत्र संपूर्ण भारत में अछि जै ठाम सर्वत्र मैथिल सब अपन जीवन यापन करैत छथि । जहां तक ग्रामीण क्षेत्र सॅ संबंधी उद्देश्य अछि ओ सब खाली मिथिला क्षेत्र तक सीमित अछि । मिथिला सेहो कोनो छोट-मोट क्षेत्र त नै छै, ताहि लेल संपूर्ण क्षेत्र में एक संग काज आरंभ केनाइ संभव नै । संस्था शुरूआत में "दरभंगा, मधुबनी, सहरसा" जिला सॅ अपन कार्य के आरंभ क रहल अछि आ धीरे-धीरे बाकी क्षेत्र सॅ सेहो सदस्य सब के जोड़ैत आगु बढ़त ।

अपना समाज आ क्षेत्र में समस्या त बहुत अछि, तहिना ओकर समाधान सेहो बहुत तरह सॅ भ सकैत अछि । सब किछु सरकार आ राजनेता पर छोड़ि देला सॅ कहिया, कतेक आ कोना काज होयत से सब गोटे जनैत छी । किछु पैघ काज जेना: सड़क, बिजली, रेल, यातायात, इत्यादि सब के समाधान जनसाधारण सॅ संभव नै छै आ एकरा लेल सरकारे पर निर्भर करै परत, मुदा किछु छोट-पैघ काज समाज स्वयं एकजुट भ क सकैत अछि । भारतीय मैथिल समाज ओकरे एक पहल छी ।

भारतीय मैथिल समाज अर्थात एक व्यक्तिगत समुदाय केर संस्था, सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के अनुसार सरकार वा आयकर विभाग विशेष किछु सुविधा दै मे समर्थ नै होयत । दोसर समुदाय सॅ सेहो कोनो सहयोग के अपेक्षा केनाइ कि उचित? तखन सहयोग के करत? जरूरत अछि समस्त भारतीय मैथिल सब के जे एहि संस्था सॅ जुड़ी एकरा सफ़ल करैथ । जिनका लग समय एकदम नै छनि ओ कम सॅ कम "साधारण" सदस्य के रुप में जुड़ी संस्थाक उद्देश्य के पुर्ण करबाक लेल अपन योगदान करैथ से निवेदन ।

संस्था आशा करैत अछि जे अपने सब संस्था सॅ अधिकांशत: परिचित भेल होयब । एहू में कोनो संदेह नै जे किछु व्यक्ति के इ सब काज असंभव लागैन मुदा नीक सॅ विचार केला पर पता चलत जे इ काज एक चरण पद्धति, कार्यनीति आ कार्यप्रणाली के हिसाब सॅ भ रहल अछि, नै कि राता-राती कोनो जादू के छड़ी सॅ, आ इ एकदम सहज आ संभव अछि । जॅ किछु कठिन अछि त ओ अछि समस्त मैथिल के संस्थाक प्रति आस्थ बनेबाक आ जरूरत अछि सभक छोट सॅ छोट सहयोग के । भारतीय मैथिल समाज समस्त भारतीय मैथिल सॅ इ निवेदन करैत अछि जे अपने सब परिवार सहित संस्था सॅ जुड़ु ।

आभार,
भारतीय मैथिल समाज ।

>> संस्थापक संदेश

Maha Kavi Vidyapati

 

विकास कोषग्रामीण उद्योग शिक्षा संस्थानस्वास्थ्य सेवा संस्थान

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