ग्रामीण उद्योग

"भारतीय मैथिल समाज - ग्रामीण उद्योग" संस्थाक अभिन्न अंग थिक जै सॅ समस्त ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्य के व्यवस्था आ संचालन होयत । शुरूआत में संस्था ग्रामीण क्षेत्र में किछु लघु उद्योग लगेबाक निर्णय लेलक अछि जै सॅ सब तरहक लोक के किछु रोजगार प्राप्त भ सकत, जेना: धुपकाठी, धूप, सोनपापड़ी, बेसन लड्डू, कुकीज़, पापड़, बेसन, सत्तु, मसाला, इत्यादि ।

एहि लेल शुरूआत में तीनटा जिला (दरभंगा, मधुबनी, सहरसा) के अंतर्गत छोट कारखाना के निर्माण करत आ धीरे-धीरे अन्य जिला सब में औरो किछु उत्पादन के व्यवस्था पैघ स्तर पर करत । एहि उद्योग सॅ संस्था आ समाज के बहुत तरह सॅ लाभ भेटत, जेना: ग्रामीण केर रोजगार भेटत, एकर समस्त मुनाफा संस्थाक अन्य सेवा आ कार्य के लेल उपयोग होयत, सस्ता में मुदा नीक चीज उपलब्ध भ सकत, लोक के मैथिली के प्रति प्रेम भाव बढ़त, संस्थाक और बेसी प्रचार भ सकत, इत्यादि । इ विभाग समय-समय पर अपन विशेष अभियान द्वारा कृषि-संबंधी आधुनिक शिक्षा व्यवस्था सेहो करत ।

 

शिघ्र आबि रहल अछि, भारतीय मैथिल समाज-ग्रामीण उद्दोग केर किछु उत्कृष्ट उत्पाद

 
   
         

 

विकास कोषग्रामीण उद्योग शिक्षा संस्थानस्वास्थ्य सेवा संस्थान

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